Haryana Crop Diversification Scheme 2024: ऑनलाइन अप्लाई, पात्रता, उद्देश्य, फायदे

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Haryana Crop Diversification Scheme: हरियाणा सरकार ने फसल विविधीकरण योजना शुरू की है ताकि किसानों की आय में वृद्धि हो और वे धान की खेती से हटकर अन्य फसलों की ओर प्रवृत्त हों। इस योजना के तहत, धान की खेती छोड़ने पर किसानों को ₹7000 प्रति एकड़ की प्रोत्साहन राशि दी जाती है। इसके अलावा, मक्का की खेती करने पर ₹2400 प्रति एकड़ और दलहन (मूंग, उड़द, अरहर) की खेती पर ₹3600 प्रति एकड़ का अनुदान भी प्रदान किया जाता है। यह प्रोत्साहन राशि 5 एकड़ तक सीमित है। सरकार का 2022 का लक्ष्य इस योजना को 10 जिलों में 50 हजार एकड़ तक लागू करना है।

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Haryana Crop Diversification Scheme:

हरियाणा सरकार ने गिरते भूजल स्तर को नियंत्रित करने हेतु “मेरा पानी मेरी विरासत” के तहत फसल विविधीकरण योजना लॉन्च की है। इस योजना में धान की जगह कपास, मक्का, दलहन, जवार, अरंडी, मूंगफली, सब्जी एवं फल की खेती पर ₹7000 प्रति एकड़ की प्रोत्साहन राशि दी जाती है। इन फसलों को न्यूनतम समर्थन मूल्य पर खरीदा भी जाता है। 1 किलो चावल उगाने में 300 लीटर पानी लगता है, इसलिए किसानों को कम पानी वाली फसलों की खेती के लिए प्रेरित किया जा रहा है। इससे किसानों को लाभ होगा और भूजल स्तर नियंत्रित रहेगा। 

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Haryana Crop Diversification Scheme: Overview

योजना का नामHaryana Crop Diversification Scheme
शुरू की गईमुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर जी के द्वारा
साल2024
लाभार्थीराज्य के किसान
उद्देश्यभूजल स्तर को नियंत्रित करना एवं फसल विविधीकरण को बढ़ावा देना
योजना की श्रेणीराज्य सरकारी योजना
आवेदन प्रक्रियाOnline
अधिकारिक वेबसाइटhttps://agriharyana.gov.in/

हरियाणा फसल विविधीकरण योजना 2024 का उद्देश्य

हरियाणा में बढ़ती पानी की कमी को दूर करने और किसानों को धान की जगह अन्य फसलें उगाने के लिए प्रेरित करने हेतु मुख्यमंत्री जी ने फसल विविधीकरण योजना शुरू की है। धान की खेती में अधिक पानी लगता है, जिससे जल स्तर गिर रहा है। इस योजना के तहत, धान छोड़कर मक्का, दलहन और तिलहन जैसी फसलों पर प्रोत्साहन राशि दी जाती है। इससे किसानों की आय में वृद्धि होती है और राज्य में इन फसलों को बढ़ावा मिलता है, जिससे हरियाणा कृषि के क्षेत्र में विकसित होगा।

हरियाणा फसल विविधीकरण योजना 2024 के पात्रता 

  • योजना का लाभ लेने के लिए किसान का हरियाणा राज्य में निवासी होना आवश्यक है।
  • अधिकतम 5 एकड़ तक की भूमि पर खेती करने वाले किसान इस योजना के पात्र हैं।
  • किसान को धान की खेती छोड़कर अन्य वैकल्पिक फसलों जैसे कपास, मक्का, दलहन, ज्वार, अरंडी, मूंगफली, सब्जी और फलों की खेती करनी होगी।
  • योजना का लाभ केवल उन्हीं किसानों को मिलेगा जो अपनी भूमि का उपयोग धान की जगह दूसरी फसलों की बुवाई के लिए करेंगे।
  • किसान की भूमि का रिकॉर्ड सरकारी दस्तावेजों में सही और अपडेट होना चाहिए।
  • किसान को अपनी फसलें सरकार द्वारा निर्धारित न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) पर बेचनी होगी।
  • पात्र किसानों को समय सीमा के भीतर योजना के तहत आवेदन करना होगा और आवश्यक दस्तावेज प्रस्तुत करने होंगे।
  •  किसानों को प्राप्त अनुदान राशि का उपयोग केवल कृषि उद्देश्यों के लिए करना होगा।
  • किसान को अपने संबंधित जिले या तहसील के कृषि विभाग के दिशा-निर्देशों का पालन करना होगा। 
  • किसानों को वैकल्पिक फसलों की खेती के लिए आवश्यक तकनीकी ज्ञान या प्रशिक्षण प्राप्त होना चाहिए।

हरियाणा फसल विविधीकरण योजना 2024 के फायदे 

  • हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर ने राज्य में गिरते जल स्तर को नियंत्रित करने के लिए फसल विविधीकरण योजना आरंभ की है।
  • इस योजना के तहत, धान की फसल छोड़कर कपास, मक्का, दलहन, ज्वार, अरंडी, मूंगफली, सब्जी और फलों की खेती पर ₹7000 प्रति एकड़ की प्रोत्साहन राशि प्रदान की जाती है।
  • मक्का की खेती पर अतिरिक्त ₹2400 प्रति एकड़ और दलहन की खेती पर ₹3600 प्रति एकड़ का अनुदान भी दिया जाता है।
  • यह प्रोत्साहन राशि अधिकतम 5 एकड़ तक ही सीमित है।
  • हरियाणा सरकार का लक्ष्य है कि 2022 में इस योजना को 10 जिलों में 50 हजार एकड़ भूमि पर अपनाया जाए।
  • इस योजना के माध्यम से राज्य में विविध प्रकार की फसलों की बुवाई को बढ़ावा मिलेगा, जिससे भूमि की उर्वरता में सुधार होगा।
  • जल की समस्या का समाधान भी होगा और किसानों की आय में वृद्धि होगी।
  • फसल विविधीकरण योजना 2023 के तहत, किसानों को कृषि यंत्रों की खरीद पर भी अनुदान प्रदान किया जाएगा।
  • इस योजना से न केवल किसानों को वित्तीय लाभ होगा, बल्कि वे कम पानी और कम लागत वाली फसलों की ओर भी प्रेरित होंगे।
  • इससे राज्य के भूजल स्तर को स्थिर रखने में मदद मिलेगी।
  • यह योजना राज्य के समग्र कृषि विकास और पर्यावरण संरक्षण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।

हरियाणा फसल विविधीकरण योजना 2024 के महत्वपूर्ण दस्तावेज 

  •  आधार कार्ड
  •  निवास प्रमाण पत्र
  •  पहचान पत्र
  •  कृषि योग्य भूमि के दस्तावेज
  •  मोबाइल नंबर
  •  बैंक खाता 
  •  पासपोर्ट साइज फोटो
  •  इत्यादि

हरियाणा फसल विविधीकरण योजना 2024  मैं आवेदन प्रक्रिया

  • सबसे पहले आप इसकी आधिकारिक वेबसाइट agriharyana.gov.in/Default पर जाएं। 
  • अब आपके सामने एक पृष्ठ खुलेगा। 
  • होम पेज पर फसल विविधीकरण के लिए पंजीकरण करे के विकल्प वाले लिंक पर क्लिक करना है। 
  • अब आपके सामने एक नया पृष्ठ खुलेगा जिसमें आपको रजिस्ट्रेशन फॉर्म दिखाई देगा। 
  • इस फॉर्म में अपना आधार नंबर और अन्य जानकारी को दर्ज करना है। 
  • इस फॉर्म में आपको अपना आधार नंबर एवं अन्य विवरण दर्ज करना है और अगले भाग में किसान को अपनी सभी जानकारी दर्ज करनी है।
  • इसके बाद किसान को भूमि से संबंधित जानकारी दर्ज करनी है। इसके बाद फसल के विवरण की जानकारी दर्ज करनी है।
  • आप सभी जानकारियां दर्ज करने के बाद फॉर्म को सबमिट कर दें।
  • इस प्रकार आपकी Haryana Crop Diversification Scheme 2024 के तहत आवेदन पूरी हो जाएगी।

निष्कर्ष:  आशा करता हूं, यह आर्टिकल आपको अच्छी लगी है। इस आर्टिकल में हमने आपको Haryana Crop Diversification Scheme 2024 के बारे में विस्तार से बताया है। आशा करता हूं, इस आर्टिकल के माध्यम से आप इस योजना में आवेदन करने की प्रक्रिया को संपूर्ण रूप से आ गई होगी। अगर यह आर्टिकल आपको अच्छा लगा है, तो अपने दोस्तों के पास साझा करना ना भूले।। धन्यवाद।। 

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